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Thursday, September 6, 2012

रेसिपी

लेबल लगे डिब्बे-बोतलों  में 
काश भर सकते 
सपने  तमाम 
सारे अनुभव भरे जा  सकते 
इनमे ग्राम और लीटर  
के हिसाब 

सब पर लिखी जा सकती 
स्पष्ट , सटीक समापन तिथि 
और एक निपुण भंडारी जैसे 
सजा सकते सब 
अपनी जीवन-पाकशाला 

जब जो चाहा 
संघटक निकला 
तिथि जाँची ,मापा मसाला 
प्रयोग किया 
और यथावत निश्चित 
स्थान पे उसको 
वापिस संभाला 

जीवन प्रयोगशाला में 
हर व्यंजन की
कसौटी है 
शायद उसकी जटिलता .

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